हिंदी दिवस पर निबंध
महेश तिवारी 8006820395 * प्रस्तावना -* वर्तमान में उद्देश्य की उपेक्षा ही प्रतीत होती दिखी है, परन्तु संघर्षरत प्रयत्नरत रहते हुए भी स्वदेश के साथ ही साथ 100 से अधिक देशों के विश्वविद्यालयों में विषयों/पाठ्यक्रम के रूप में स्थान प्राप्त कर अध्ययन अध्यापन होता है। तो उपेक्षा तो हुयी कुछ निरर्थक उन्मादी तत्वों के कारण,फिर भी अपनी योग्यता ,वैज्ञानिकता,विशिष्टता, सरलता,सर्वसुलभता आदि के आधार पर इतने अधिक देशों में महत्वता प्राप्त तथा उपयोगिता सिद्ध कर रही है।...